International Journal of Hindi Research

International Journal of Hindi Research


ISSN: 2455-2232

Vol. 2, Issue 6 (2016)

डोगरी व राजस्थानी व्रत संबंधी लोकगीतों का तुलनात्मक अध्ययन

Author(s): पुरूषोतम सिंह
Abstract: लोक-गायक प्रकृति के अभिराम क्रोड़ में पोषिक होता है। उसका अपनी चिर-प्रकृति से अलग अस्तित्व ही नहीं है। वृक्ष, पौधे एवम् पुष्प आदि वनस्पतियों के सौन्दर्य उस के भावुक मन को आकर्षित करते हैं। व्रत तथा उपवास का अटूट संबंध है। कर्म सामान्य के अर्थ में व्रत शब्द का प्रयोग बहुत ही प्राचीन है। प्रकृति का लोकगीतों में, जिस रूप में चित्रण होता है, उसको विवेचन की सुविधा के लिए निम्न भागों में विभक्त करके वर्णन किया जा रहा है और डोगरी एवम् राजस्थानीे लोकगीतों में इस प्रकृति-चित्रण की समानताओं पर प्रकाश डाला जा रहा है।
Pages: 17-19  |  1170 Views  381 Downloads
publish book online
library subscription
Journals List Click Here Research Journals Research Journals
Please use another browser.