International Journal of Hindi Research

International Journal of Hindi Research

ISSN: 2455-2232

Vol. 5, Issue 1 (2019)

लक्ष्मीकान्त वर्मा : सम्पादकीय एवं पत्र साहित्य में अभिव्यक्त कथात्मक चिन्तनधारा एवं दर्शन का समीक्षात्मक अध्ययन

Author(s): अर्चना मिश्रा
Abstract:
लक्ष्मीकान्त वर्मा के साहित्य में लेखकीय यथार्थ प्रकट हुआ है। इनकी प्रत्येक साहित्यिक विधा यह संकेत देती है कि रचनाकार के लिए जिन्दगी कहानी से बहुत बड़ी है। वर्मा जी की गद्यविधा, कहानी, नाटक, उपन्यास, पत्र-संवाद, सम्पादकीय और पत्र साहित्य विचारों की भीड़-भाड़ में पड़ाव लेकर अग्रगामी हुआ है। इनकी रचनात्मकता ऐसे चरित्रबोध को प्रकट करती है जो अपने विचारों का मूल्य चुकाने में विचलित नहीं होते। समीक्षकों ने इन्हें विचारात्मक साहित्य की संज्ञा से अभिहित किया है।
लक्ष्मीमान्त वर्मा जी लोकमान्य तिलक, महात्मा गाँधी, मोती लाल नेहरू, लाल लाजपत राय, रामबिहारी बोस, सुभाष चन्द्र बोस, जवाहर लाल नेहरू, सरदार पटेल, हकीम अजमल खाँ, आचार्य नरेन्द्र देव, डाॅ. राजेन्द्र प्रसाद, जमनालाल बजाज, सरोजिनी नायडू, गणेश शंकर विद्यार्थी, पराडकर, सी.वाय. चिन्तामणि, जय प्रकाश नारायण, राम मनोहर लोहिया और उस युग की ऐसी अनेक विभूतियों के सान्निध्य में रहें।
लक्ष्मीकान्त वर्मा जी पत्रलेखन के लिए विख्यात थे, उनके पत्रों का ऐतिहासिक महत्व हैैं और साहित्यिक महत्व भी है। अपने समय के संघर्ष और युगबोध को इन पत्रों में सजीव अभिव्यक्ति प्राप्त हुई है। जमाने के युग पुरुषों और सामान्य जनों से उनका समान संपर्क था। इस सम्पर्क की अभिव्यक्ति का अपना महत्व है।
Pages: 01-05  |  537 Views  318 Downloads
International Journal of Hindi Research
Journals List Click Here Research Journals Research Journals