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VOL. 5, ISSUE 2 (2019)
नयी कविता और अभिनव नाट्य प्रयोग
Authors
सीमा मिश्रा
Abstract
हिन्दी नाटकों के विकास का जिस संदर्भ में इस शोध पत्र में विवेचन किया जा रहा है, वह आधुनिक काल की देन है | यघपि संस्कृत और अपभ्रंश में नाटकों की रचना हुई है और संस्कृत नाटक तथा नाट्य शास्त्र विश्व साहित्य में चर्चा का विषय रहा है | यहाँ कवि कालिदास की प्रसिद्ध कृति अभिज्ञान शाकुन्तलम तथा भास की प्रतिमा नाटकम, स्वप्न वासवदन्तम, विशाखादत्त्त का नाटक मुद्राराक्षस शूद्रक का मृच्छकटिकम, तथा भवभूति का उत्त्तर राम चरितम की चर्चा भी की गई है | इसी के साथ समसामयिक घटनाओ के प्रभाव में सृजित नयी कविता काव्य धारा का नाट्य विधा के विकास पर पड़ने वाले असर का विश्लेषण किया गया है |
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Pages:33-35
How to cite this article:
सीमा मिश्रा "नयी कविता और अभिनव नाट्य प्रयोग". International Journal of Hindi Research, Vol 5, Issue 2, 2019, Pages 33-35
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