International Journal of Hindi Research

International Journal of Hindi Research

ISSN: 2455-2232

Vol. 5, Issue 4 (2019)

एक समन्वयकारी विचारक के रूप में कबीर की प्रासंगिकता

Author(s): डॉ0 आफरीन खान
Abstract: मध्यकालीन भक्ति कवियों में कबीर का एक महत्वपूर्ण स्थान रहा । कबीर एक समाज सुधारक और राजनीतिक चिंतक के रूप में सामने आते हैं । कबीर अपने समकालीनों पर ही नहीं बल्कि आधुनिक विचारकों पर भी गहरा प्रभाव डालते हैं ।समन्वय का संदेश कबीर के जीवन का पर्याय है । कबीर का समन्वय का तरीका भी उनके व्यक्तित्व की तरह ही अनोखा था । अपने दोहों, वाणियों और साखियों के ज़रिये उन्होनें बेबाक फक्कड़पन के साथ अपने समय के समाज के दोषों-दुर्गुणों को उजागर कर दिया । कबीर के विचार जिसमें बहुत ही प्रगतिशील चिंतन का दर्शन होता है, आज भी अत्यंत प्रासंगिक है । इस शोध प्रपत्र में कबीर के राजनीतिक-सामाजिक विचारों का विश्लेषण और आज के सन्दर्भ में उनके विचारों की प्रसंगिकता की जाँच करने का प्रयास किया गया है । शोध पद्धति के रूप में ऐतिहासिक एवं विश्लेषणात्मक पद्धति का प्रयोग किया गया है।
Pages: 33-35  |  69 Views  29 Downloads
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