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VOL. 5, ISSUE 5 (2019)
श्यौराज सिंह ‘बेचैन’ के जीवन की राहें
Authors
डॉ. साधना सिंह
Abstract
श्यौराज सिंह ‘बेचैन’ हिंदी साहित्य के एक सशक्त हस्ताक्षर है, विशेष रूप से दलित लेखन के क्षेत्र में उनकी एक खास पहचान है I पिछले दो दशक से भी अधिक समय से दलित संघर्ष और अस्मिता के प्रश्नों को वह निर्भीकता, स्पष्टता और तथ्यपरकता के साथ साहित्य के माध्यम से उठाते रहे हैं I दलित प्रश्नों को पूरी गंभीरता और गहराई से समझने और विश्लेषित करने में कुशल एवं महारथ प्राप्त लेखक होने के साथ - साथ श्यौराज सिंह ‘बेचैन’ व्यवस्था के एक मौलिक एवं व्यवहारिक अध्येता व चिन्तक है I समाज की समस्याओं का अध्ययन वह सिर्फ किताबों के जरिए नहीं करते बल्कि समाज से संपर्क और संवाद करके उन्हें समझने का प्रयास करते हैं I यही कारण है कि उनका चिंतन अकादमिक न होकर व्यवहारिक है I साहित्य को सामाजिक आन्दोलन का एक शस्त्र मानने वाले तथा दलित साहित्य के प्रखर प्रवक्ता के रूप में विख्यात डॉ. ‘बेचैन’ आन्दोलन के साहित्यिक राजदूत हैं I
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Pages:39-40
How to cite this article:
डॉ. साधना सिंह "श्यौराज सिंह ‘बेचैन’ के जीवन की राहें". International Journal of Hindi Research, Vol 5, Issue 5, 2019, Pages 39-40
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