International Journal of Hindi Research

International Journal of Hindi Research


International Journal of Hindi Research
International Journal of Hindi Research
Vol. 6, Issue 6 (2020)

मनोहर श्याम जोशी के साहित्य में नई चेतना


प्रभात सिंह

मनोहर श्याम जोशी का जीवन निराला जी के ही समान आर्थिक कठिनाईयों से गुजरा है। फलतः वे अपने अनुभवों के साथ ही साथ समाज के कटु यथार्थ के साथ रूबरू थे। अतः उनकी कथा कहानियों में उपेक्षितों दलितों के प्रति समर्पण का भाव उनकी प्रतिबद्धता थी और यही कारण है कि आज वे हिन्दी साहित्य में शीर्ष स्थान पर है।
Pages : 19-20 | 214 Views | 62 Downloads