International Journal of Hindi Research

International Journal of Hindi Research


International Journal of Hindi Research
International Journal of Hindi Research
Vol. 6, Issue 6 (2020)

कोरोना आपदा: साहित्य व साहित्यकार


डॉ. चसुल फौगाट

प्रस्तुत पेपर कोरोना आपदा के दौरान साहित्यकारों की भूमिका को दर्शाता है। किस प्रकार साहित्यकार को अपनी सृजनात्मकता को बढ़ावा देने का अवसर प्रदान हुआ। किस प्रकार साहित्य ने इस दौरान लोगों के दुखों व् कष्टों को समाज के सामें रखा ताकि वे संवेदना जैसे मूल तत्व को मानवता में जीवंत रख सकें। मनुष्य जैसा सामजिक प्राणी जब अकेले अपने घर में कैद हुआ तब शायद जानवरों, पक्षियों व् अन्य जीवंत प्राणियों को कैद में रखने पर मजबूर किये मनुष्य ने उनके दर्द को समझा। दूसरी और किस प्रकार उन्ही कैद में रहने वाले जीवों ने अकेले पन में उसका साथ दिया। प्राकृतिक आपदाओं और मनुष्य का चोली दामन का साथ रहा है ऐसे में सदा ही साहित्यकारों ने अपनी कलम से उस आपदा काल के दर्द को बयां किया है।
Pages : 143-147 | 205 Views | 76 Downloads