International Journal of Hindi Research

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Vol. 6, Issue 6 (2020)

मलयज के पत्र का साहित्यक स्वरूप


अरविन्द कुमार

मलयज अत्यंत संवेदनशील, चेतस बौद्धिकता को लिए हुए व्यक्ति थे। उनके लिए डायरी लिखना सिर्फ मन को हल्का कर लेने जैसा नहीं था। मलयज के लिए डायरी लिखना वाद-विवाद के रास्ते संवाद तक पहुँचने जैसा था। दूसरी तरह से कह सकते हैं कि मलयज के लिए डायरी लिखना अपने जीवन की तमाम अनुभुतियों को समेटकर उसे तर्क की कसौटी पर कसकर अगला-अगला और अगले की ओर अग्रसर होने के जीने के कर्म जैसा था।
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