International Journal of Hindi Research

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International Journal of Hindi Research
International Journal of Hindi Research
Vol. 4, Issue 1 (2018)
S.No. Title and Authors Name Country
1
मोहनदास नैमिशराय जी की आत्मकथा ‘‘अपने-अपने पिंजरे’’ में सामाजिक स्थिति का मूल्यांकन
डाॅ. वन्दना चुटैल
2
दलित राजनीति पृथक्करण की राजनीति न होकर, सर्वसमावेश की राजनीति है
प्रेम सिंह
3
कबीर व्यक्तित्व व दर्शन का समसामयिक प्रासांगिकता
राज कुमार लहरे
4
संस्कृति की धरोहर के रूप में संगीत के विविध रूप
ममता
5
कालजयी साहित्यकार डाॅॅ० रामविलास शर्मा
डाॅॅ० दिलीप कुमार झा
6
सामाजिक विकास में सोशल मीडिया की भूमिका : एक अध्ययन
राहुल कुशवाहा, डॉ. सुषमा गॉधी
7
अब्दुल बिस्मिल्लाह के कथा साहित्य में आत्मसंघर्ष का स्वरूप
रविशंकर पाठक
8
जयप्रकाश कर्दम के उपन्यास ‘छप्पर’ की प्रासंगिकता आज-कल
Aswathi M Nair, Dr. B Anirudhan
9
मध्यकालीन मालवा के प्रमुख उद्योग धंधे एवं उनका प्रबंधन
डाॅ0 सुधा टेटवाल
10
“धार” उपन्यास में आदिवासी जीवन का यथार्थ
Dr. P Ganesan, Anjana AS
11
‘सारा आकाश’ फिल्म और उपन्यास : एक नज़र
Dr. B Anirudhan, Saranya SS
12
ओमप्रकाश वाल्मिकी के साहित्य का समाज में योगदान
माया माहेश्वरी
13
प्रातिपदिक एवं पद : अर्थ, भेद और संरचना की दृष्टि से अध्ययन
डाॅ0 चान्दम इङो सिंह
14
प्रारम्भिक शिक्षा में मातृ भाषा का प्रयोग
डाॅ0 राजेश शर्मा
15
स्वातन्त्रयोत्तर युगीन महिला उपन्यासकारों की रचनाओं में स्त्री विमर्ष
डाॅ0 रेखा
16
जबलपुर संभाग की औद्योगिक कार्यदशाएँ एवं लघु उद्योग
डाॅ0 नीरज केशरवानी