International Journal of Hindi Research

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International Journal of Hindi Research
Vol. 4, Issue 1 (2018)

जबलपुर संभाग की औद्योगिक कार्यदशाएँ एवं लघु उद्योग


डाॅ0 नीरज केशरवानी

किसी भी क्षेत्र का विकास मुख्यतः दो तत्वों पर निर्भर करता है कृषि एवं उद्योग/कृषि मनुष्य का प्राचीनतम व्यवसाय है। जिसकी प्रगति सभी स्थानों पर समय के साथ-साथ उद्यमशील किसानों के द्वारा की जाती रही है, किन्तु उद्योगों का विकास होने के लिए किसी भी स्थान विशेषज्ञ का महत्वपूर्ण होना ही आवश्यक नही है अपितु इसके साथ-साथ अन्य बहुत से कारक मिलकर किसी भी स्थान को व्यवसाय उद्योग से परिपूर्ण बनाते है। जैसे- क्षेत्र विशेष में विभिन्न स्त्रोतों से प्राप्त कच्चा माल, स्थानीय रूप से या आसपास में उपलब्ध हो सकने वाला बाजार, श्रमिकों/तकनीकी कर्मचारियों की उपलब्धता, औद्योगिक इकाई की स्थापना हेतु आवश्यक विभिन्न संसाधनों (जैसे भूमि/शेड,बिजली, पानी, सड़क तथा अन्य संसाधन) की उपलब्धता आदि।
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डाॅ0 नीरज केशरवानी. जबलपुर संभाग की औद्योगिक कार्यदशाएँ एवं लघु उद्योग. International Journal of Hindi Research, Volume 4, Issue 1, 2018, Pages 54-58
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