International Journal of Hindi Research

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Vol. 4, Issue 4 (2018)

अध्यात्म एवं जीव-जगत


श्रीमती निधी सिंह

अध्यात्म एक दर्शन है, चिन्तनधारा है, इस चराचर जीव-जगत में रहते हुए सही समय पर ही अध्यात्म मार्ग का अनुसरण करते हुए इस अबूझ पहेली को सुलझाने का प्रयत्न करना चाहिए कि मैं कौन हूं? क्या मैं आत्मा हूॅं ? क्या मैं देह हूॅं ? मेरे क्या गुण है ?
देह $ ? = जीवन - ? = मृत्यु
इस समीकरण से पता चलता है कि यह प्रश्नवाचक चिन्ह ही ‘‘मैं’’ है जिसके देह में प्रवेश करने पर जीवन आरम्भ होता है और निकल जाने पर मृत्यु होती है इसी को ‘‘आत्मा’’ कहा गया है; क्योंकि इस ‘‘आत्मा’’ या ‘‘मैं’’ के बिना जीवन संभव नहीं है। अतः हम अध्यात्म मार्ग द्वारा मैं को मुक्त कर मोक्ष को प्राप्त कर सकते है।
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श्रीमती निधी सिंह. अध्यात्म एवं जीव-जगत. International Journal of Hindi Research, Volume 4, Issue 4, 2018, Pages 25-27
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