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VOL. 5, ISSUE 6 (2019)
नृत्यादि कलाओं के विकास में रायगढ़ नरेश राजा भूपदेव सिंह का योगदान
Authors
यास्मीन सिंह
Abstract
बैरागढ़ के गोंड़ शासकों ने रायगढ़ की स्थापना लगभग 300 वर्ष पूर्व में की थी तथा राजा मदन सिंह इस राजवंश के संस्थापक थे। समय के साथ-साथ रायगढ़ राजवंश कथक नृत्य के रायगढ़ घराने के रूप में स्थापित हो गया और वर्तमान के अनेकानेक नर्तक इस घराने के पोषण, संवर्धन और प्रचार-प्रसार कर रहे हैं। किन्तु राजा भूपदेव सिंह का नाम नई पीढ़ी के मानस पटल से विलुप्त न हो जाए, इस हेतु कथक नृत्य प्रशिक्षण एवं पाठ्यक्रम में भी राजा भूपदेव सिंह को विशेष स्थान दिया जाना आवश्यक है, क्योंकि राजा चक्रधर सिंह जैसी अद्वितीय विभूति को कथक नृत्य की विधिवत शिक्षा दिलवाने का कार्य भूपदेव सिंह ने किया था।
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Pages:20-22
How to cite this article:
यास्मीन सिंह "नृत्यादि कलाओं के विकास में रायगढ़ नरेश राजा भूपदेव सिंह का योगदान". International Journal of Hindi Research, Vol 5, Issue 6, 2019, Pages 20-22
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