International Journal of Hindi Research

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International Journal of Hindi Research
Vol. 6, Issue 4 (2020)

तुलसीदासरचित "श्रीरामचरितमानस" में वर्णित चातक पक्षी के व्यवहार का समग्र ताथ्यिक अध्ययन एवं वैज्ञानिक जांच


पीताम्बर कौशिक

चातक पक्षी की वर्षा की आस भारतीय साहित्यिक परम्परा में अटल प्रेम के प्रतीक के तौर पर कायम रही है। आकुलता के बावजूद चातक का अडिग धैर्य स्थिर प्रेम की मिसाल के तौर पर प्रसिद्ध है। रामचरितमानस में इस सन्दर्भ में स्वाति नक्षत्र का एक विशेष उल्लेख भी आता है तथा चातक की केवल इस नक्षत्र की वर्षा को पाने की विशेषता भारतीय कथाओं में नित्य ही मिलती है। यह शोध-पत्र एक वैज्ञानिक दृष्टिकोण से रामचरितमानस में उल्लेखित चातक की प्रकृति सम्बन्धी विवरणों और कथनों तथा प्रचलित मान्यताओं की जांच करता है।
Download  |  Pages : 93-95
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पीताम्बर कौशिक. तुलसीदासरचित "श्रीरामचरितमानस" में वर्णित चातक पक्षी के व्यवहार का समग्र ताथ्यिक अध्ययन एवं वैज्ञानिक जांच. International Journal of Hindi Research, Volume 6, Issue 4, 2020, Pages 93-95
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