International Journal of Hindi Research

International Journal of Hindi Research


International Journal of Hindi Research
International Journal of Hindi Research
Vol. 6, Issue 4 (2020)

नागार्जुन के उपन्यासों में आंचलिकता


ज्वाला चन्द्र चौधरी

कमलक्रांति के सशक्त कमलकश के रूप में जिन जनवादी साहित्यकारों ने हिन्दी साहित्योदयान को सारस्वत जनक्रांति का आधार बनाया और समरसता के साए में जन-गण-मन को हर्षाया, उनमें बहुभाषी रचनाकार नागार्जुन की संज्ञा अनलाक्षरों में अंकित है जिनके उपन्यासों में आँचलिकता की तलाश अभी तक अधूरी है।
Download  |  Pages : 123-125
How to cite this article:
ज्वाला चन्द्र चौधरी. नागार्जुन के उपन्यासों में आंचलिकता. International Journal of Hindi Research, Volume 6, Issue 4, 2020, Pages 123-125
International Journal of Hindi Research International Journal of Hindi Research