International Journal of Hindi Research

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International Journal of Hindi Research
International Journal of Hindi Research
Vol. 7, Issue 1 (2021)

गैर सरकारी संगठनों का बढ़ता व्यवसायीकरण और ‘नरक मसीहा’ उपन्यास


प्रदीप कुमार

समाज के विकास में गैर सरकारी संगठनों का महत्वपूर्ण योगदान होता है। विभिन्न उद्देश्यों को लेकर ये अलाभकारी संगठन सामाजिक कार्यों को गति देते हैं। इन संगठनों को समाज के विकास के लिए विभिन्न माध्यमों से वित्त प्राप्त होता है जिसका प्रयोग करके ये सामाजिक कल्याण का कार्य करते हैं। लेकिन आजकल बहुत सारे गैर सरकारी संगठनों (एन.जी.ओ.) ने इसको अपना व्यवसाय बना लिया है। ये समाज कल्याण के मार्ग को भूलकर अपना हित साधने में लग गए हैं। कुछ संगठन बाहरी एजेंसियों के प्रभाव से राष्ट्रहित को नुकसान पहुंचा रहे हैं। सरकार ने एफ.सी.आर.ए. एक्ट के तहत कार्य न करने वाले बहुत सारे संगठनों पर प्रतिबन्ध भी लगाया है। ‘नरक मसीहा’ उपन्यास गैर सरकारी संगठनों के बढ़ते व्यवसायीकरण की पड़ताल करता है। इस उपन्यास में विभिन्न कार्य करने वाले एन.जी.ओ. का मकड़जाल है जो केवल अपने स्वार्थों की पूर्ति के लिए एन.जी.ओ. चलाते हैं।
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प्रदीप कुमार. गैर सरकारी संगठनों का बढ़ता व्यवसायीकरण और ‘नरक मसीहा’ उपन्यास. International Journal of Hindi Research, Volume 7, Issue 1, 2021, Pages 13-15
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