International Journal of Hindi Research

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International Journal of Hindi Research
International Journal of Hindi Research
Vol. 7, Issue 5 (2021)

हिंदी साहित्य में किसान विमर्श


शर्मिला देवी

भारत देश मे किसान विमर्श एक महत्त्वपूर्ण विषय है। किसानो की समस्याएँ पहले भी विद्यमान थी और वर्तमान मे भी वैसी की वैसी है। हिन्दी साहित्य में किसानो से जुड़े विषयो को अनेक विद्वानो ने अपने साहित्य में उठाया है। किसान, खेत और मजदूर को लेकर यह विमर्श साहित्य में आधुनिक कल से चला आ रहा है। भारतीय किसान का जीवन बहुत ही दरिद्रता, ऋणग्रसत्ता एवं कष्टों से भरा पड़ा है। हिंदी साहित्य में लेखकों ने किसानो के जीवन के प्रत्येक पक्ष को छूने का प्रयत्न किया है। किसानों की स्थिति इतनी दयनीय है कि वह अपने बच्चों को अच्छा भविष्य देने की कल्पना भी नहीं कर सकते ।किसानो की दयनीय स्थिति का वर्णन हिन्दी साहित्य मे हुआ है।
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शर्मिला देवी. हिंदी साहित्य में किसान विमर्श. International Journal of Hindi Research, Volume 7, Issue 5, 2021, Pages 103-107
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