ARCHIVES
VOL. 1, ISSUE 1 (2015)
आधुनिक काल के उपन्यासो में मनोवैज्ञानिकता का पुट
Authors
गीता यादव
Abstract
आधुनिक काल में उपन्यासकारों ने मनोवैज्ञानिकता के क्षेत्र में प्रवेश किया। इनमें प्रमुख रुप से अज्ञेय, जैनेन्द्र, इलाचन्द्र जोशी तथा मन्नू भंडारी का नाम लिया जा सकता है। इन्होंने मानव मन के सूक्ष्म उद्गारों को अपने उपन्यासो में उकेरा है। जैनेन्द्र का 'परख' उपन्यास इस दृश्टि से महत्वपूर्ण है। इसमें विद्यमान नारी पात्रों का मनोवैज्ञानिक रुप से विष्लेशण किया गया है। मन्नू भंडारी का आपका बंटी भी मनोवैज्ञानिकता का एक सफल प्रयोग है।
Download
Pages:13-15
How to cite this article:
गीता यादव "आधुनिक काल के उपन्यासो में मनोवैज्ञानिकता का पुट". International Journal of Hindi Research, Vol 1, Issue 1, 2015, Pages 13-15
Pdf, Certificate, Cover Page, Index Page, Editorial Page, Accept Letter
Please enter the email address corresponding to this article submission.

