International Journal of Hindi Research

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ISSN: 2455-2232

Vol. 5, Issue 2 (2019)

कथाकार अमरकांत का व्यक्तित्व, एक संक्षिप्त परिचय

Author(s): रीता माहेश्वरी
Abstract: साहित्य की रचना एक अत्यंत चुनौतीपूर्ण कार्य है। साहित्य समाज का प्रतिबिम्ब होता है। कुछ प्रबुद्ध साहित्यकार समुद्र में से सिप एवं मोती निकालते है जो साहित्यकार मोती ढ़ूंढ़कर लाते है वे साहित्य के आकाश में चमकते दिखाई देते है। अपनी प्रखर दृष्टि, संवदेनशीलता एवं पैनी नजर के कारण अमरकांत ने न केवल समस्याओं की तरफ ध्यान दिया बल्कि उनके उपाय भी सुझाए। उनका साहित्य निष्पक्ष तथ्यों पर आधारित होता था। अमरकांत का साहित्य लेखन उनके जीवन से पृथक नहीं है। उनकी भावात्मकता, गहन विचार शक्ति एवं उत्कृष्ट चिन्तन ने उन्हें एक अद्वितीय साहित्यकार बनाया। मध्यम वर्गीय जीवन के पक्षों का सूक्ष्म विश्लेषण ही उनके रचना संसार का आधार है। उनकी रचनाधर्मिता ने समाज के सामने मध्यम वर्गीय जनमानस की दशा का वास्तविक बिम्ब प्रस्तुत किया। उनकी साहित्य रचना केवल यथार्थ एवं वस्तुस्थिति का ही चित्रण नहीं करती अपितु समय-समय पर हमें सोचने पर मजबूर भी करती है। कभी-कभी हमारे सामने प्रश्नचिन्ह लगाती है।
Pages: 09-12  |  536 Views  228 Downloads
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