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International Journal of
Hindi Research
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VOL. 2, ISSUE 5 (2016)
गुर्दे की पथरी पर यूनानी औषधी : सफूफ हजरूल यहुद का नैदानिक अध्ययन
Authors
डॉ0 राजेश
Abstract
गुर्दे की पथरी एक विश्वव्यापक समस्या है और इसका इतिहास हैप्पोक्रेट के समय से ही है। भारत मे सबसे ज्यादा पथरी के मरीज गुजरात, राजरथान, पंजाब और मध्य प्रदेश में पाये जाते हैं।
यह मूत्रतंत्र की एक ऐसी स्थिति है जिसमें, गुर्दे के अन्दर छोटे-छोटे पत्थर सदृश कठोर वस्तुओं का निर्माण होता है। सबसे आम पथरी कैल्शियम पथरी (75-80 प्रतिशत) है।
समरकन्दी के अनुसाार इसका मुख्य कारण- गर्मी और प्रदार्थ का गाढ़ा और लसेदार होना है। गर्मी तरल प्रदार्थ को चुस लेती है। जिससे यह निहायत गाढ़ा और खुष्क हो जाता है। गाढ़ा पदार्थ गुर्दे के अन्दर चिपक कर सुख जाता है और बाहर नहीं निकल पाता बल्कि वहीं धीरे धीरे जमता जाता है और यहीं इकटठा होकर पथरी बन जाता है। यह एक रेन्डोमाइजड, सिगल ब्लाइन्ड, स्टैन्र्डड कन्ट्रोल के साथ तुलनात्मक अध्ययन है।
परिक्षण औषधी- सफुफ हजरूल यहुद के मुख्य धटक हैं- हजरूल यहुद, संग सरेमाही, कुल्थी, नमक तुरब। 3 गाम पउडर दिन में तीन बार और कन्ट्रोल औषधी- टेबलेट सिसटोन- 2 टेबलेट दिन में तीन बार पानी के साथ ।
परिणाम- सफुफ हजरुल यहुद का परिणाम अच्छा रहा । इसमें सबजेक्टिव और ओबजेक्टिव दोनों पैरामीटर में कमी आई। अतः इससे सिद्ध होता है कि सफूफ हजरूल यहुद में पथरी तोड़ने के गुण मौजुद हैं।


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Pages:25-27
How to cite this article:
डॉ0 राजेश "गुर्दे की पथरी पर यूनानी औषधी : सफूफ हजरूल यहुद का नैदानिक अध्ययन". International Journal of Hindi Research, Vol 2, Issue 5, 2016, Pages 25-27
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