| 1 | दक्षिण भारत में हिन्दी का स्थानमान |
| 2 | हानूश और कोणार्कः कलाकार, कृति और विनाश-बोध का तुलनात्मक अध्ययन Authors: सुरभि श्रीवास्तव |
| 3 | गोदान में भारतीय समाज का यथार्थ: किसान जीवन सघंर्ष, नारी चेतना और ग्रामीण.शहरी जीवन का तुलनात्मक अध्ययन |
| 4 | मातृत्व पहचान का निर्माण: स्व, समाज और संघर्ष के बीच परिचय Authors: Sreeja K, Dr. Abdul Jabbar M |
| 5 | समकालीन यथार्थ और मानवीय संवेदनाओं के कवि: अरुण कमल Authors: डॉ. टिकेन्द्र कुमार यदु |
| 6 | केदारनाथ ‘शब्द मसीहा‘ के लघुकथा, कहानी और व्यंग्य में अस्मिता परक यथार्थ Authors: डॉ. योगेश कुमार तारक |
| 7 | हिन्दी पत्रकारिता : समाज का प्रतिबिम्ब एवं साहित्य संवाहिका Authors: डॉ. श्रीमती. के. चंद्रा |
| 8 | डॉ. खूबचंद बघेल का सामाजिक सुधार में योगदान Authors: दुर्गेश कुमार, डॉ. जयपाल सिंह प्रजापति |
| 9 | महीप सिंह के कथा साहित्य में वृद्ध समाज Authors: श्रवण लाल सेन, डॉ. राम कृष्ण शर्मा |
| 10 | “मन्नू भंडारी की कहानियों में मध्यवर्गीय नारी का संघर्ष” Authors: कैलाश चन्द्र खटीक, डॉ. रामकृष्ण शर्मा |
| 11 | टूटते रिश्तों के बीच बिखरता बचपन: आपका बंटी का मनोवैज्ञानिक एवं साहित्यिक विश्लेषण |
| 12 | श्रीलाल शुक्ल का ‘बिस्रामपुर का संत’: सत्ता, संतत्व और समाज का त्रिकोण Authors: देवेन्द्र सिंह सोलंकी, डॉ. रामकृष्ण शर्मा |
| 13 | भारतीय राजनीति में महिला भागीदारी प्रासंगिकता एवम् चुनौतियाँ Authors: दीपक नाथ, डॉ हेमा |
| 14 | डॉ० दिनेश कुशवाह का काव्य संग्रह ‘इसी काया में मोक्ष’ : समकालीन जीवन, श्रम और संवेदना का काव्य-दस्तावेज |
| 15 | नव संवत्सर, रामनवमी एवं हनुमान जयंती का समकालीन महत्वरू भारतीय परंपरा और आधुनिक संदर्भ में एक विश्लेषणात्मक अध्ययन Authors: डॉ. ए. के. द्विवेदी |
| 16 | सपनों की होम डिलीवरी’ उपन्यास में मीडिया का प्रभाव |
| 17 | हिंदी पत्रकारिता और समाचार |
| 18 | लगान, संघर्ष और स्वराज: संयुक्त प्रांत में किसान आंदोलन का संक्रमणकाल (1937–1947) Authors: डॉ. मुनेन्द्र सिंह |
| 19 | भारतीय शिक्षा के क्षेत्र में ईसाई शिक्षण संस्थानों का मुख्य योगदान Authors: डॉ. पूजा धामिजा, अर्चना विद्यानंद आठवले
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| 20 | भोजपुरी लोकसाहित्य के शेक्सपियरः नट सम्राट भिखारी ठाकुर |
| 21 | मालती जोशी की कहानियों में मध्यम वर्गीय स्त्री जीवन का यथार्थ चित्रण Authors: डॉ. जयपाल सिंह प्रजापति, श्रीमती शालिनी सिंह |
| 22 | उत्तराखंड में पत्रकारिता के उद्भव की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि Authors: डॉ० अमिता प्रकाश
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| 23 | नई शिक्षा नीति और हिंदी: एक गवेषणात्मक अध्ययन Authors: डॉ. शिखा माहेश्वरी |
| 24 | भगवान परशुराम जयंती एवं अक्षय तृतीया का धार्मिक महत्त्व: भारतीय ज्ञान परंपरा के परिप्रेक्ष्य में एक शोध-पत्र Authors: डॉ. ए के द्विवेदी |
| 25 | संशय की एक रात : रामकथा का आधुनिक बोध |
| 26 | भारतीय ज्ञान परंपरा में महिलाओं का योगदान Authors: डॉ. माया सगरे – लक्का |
| 27 | देश के राष्ट्र निर्माण में द्वारिका प्रसाद तिवारी ‘विप्र’ का अवदान Authors: डॉ. मुमताज़ परवीन |
| 28 | दलित साहित्य और आदिवासी साहित्य का अंतःसंबंध : एक आलोचनात्मक अध्ययन |
| 29 | भारतीय भाषाविज्ञान: परंपरा और आधुनिक संदर्भ Authors: डॉ. शिखा माहेश्वरी |
| 30 | भक्ति, नैतिक प्रतिरोध और पिंगल छंद: हरियाणवी रागनी परंपरा में ‘किस्सा भगत पूरणमल’ का समालोचनात्मक अध्ययन (रागनी 1–8 के संदर्भ में) Authors: आनन्द कुमार आशोधिया |
| 31 | व्यक्तिवाद और सामाजिक द्वंद्व : एक अध्ययन |
| 32 | 21वीं सदी की आदिवासी हिन्दी कहानियों में बदलता भारतीय सामाजिक-सांस्कृतिक परिदृश्य: एक विश्लेषण |
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| 34 | डिजिटल संचार माध्यमों में हिंदी का उदय और वैश्वीकरण Authors: डॉ. पुरोबी अविनाश |
| 35 | कोड मिक्सिंग एवं कोड स्विचिंग : भावैज्ञानिक अध्ययन Authors: Dr. Jyothi Ratnam D |
| 36 | डॉ. भारिल्ल का साहित्य और गांधीगिरि Authors: डॉ. मनीष कुमार जैन |
| 37 | प्रागैतिहासिक काल एवं वैदिक काल में भारतीय स्त्री की स्थिति |
| 38 | दादू पंथी संत सुंदरदास का काव्य |
| 39 | हरियाणा के नाट्य साहित्य और हरियाणा साहित्य अकादमी की भूमिका Authors: मोनिका, डॉ. आशा सहारण |
| 40 | विभिन्न व्यवसायों में नौकरी छोड़ने की भावना, मानसिक तनाव एवं कार्य-संतुष्टि पर संयुक्त अध्ययन(पुरुष एवं महिला पेशेवर) पर आधारित एक तुलनात्मक शोध अध्ययन) Authors: डॉ. ए. के. द्विवेदी, डॉ. वैभव चतुर्वेदी |
| 41 | लोक-संस्कृति में प्रकृति तत्वों की उत्पत्ति और सर्जना का महत्व (नदियाँ, पर्वत, पेड़-पौधे और पशु-पक्षी) |
| 42 | भारत की राजभाषा हिन्दी: एक विवेचनात्मक अध्ययन Authors: डॉ. अनुपमा छाजेड़ |
| 43 | एनीमिया जागरूकता जन-आंदोलन : इंदौर मॉडल का राष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य में मूल्यांकन (सामुदायिक स्वास्थ्य, जनभागीदारी एवं होम्योपैथिक दृष्टिकोण पर आधारित शोध-पत्र) Authors: डॉ. ए. के. द्विवेदी |
| 44 | आधुनिक समय में ख्याल लोकनाट्य के संरक्षण की चुनौतियाँ कुचामनी ख्याल के विशेष संदर्भ में Authors: राम कुमार, डॉ. रेहाना बेग़म |
| 45 | भगवतीचरण वर्मा के ‘चित्रलेखा’ में पाप, पुण्य और प्रेम की अवधारणा का पुनर्पाठ Authors: दिनेश, डॉ. कल्पना |
| 46 | हिन्दी के प्रमुख ललित निबंधकारों के निबंधों का लोकतात्त्विक अध्ययन: परंपरा और समकालीन सरोकार Authors: विमल कुमार मीना, डॉ. राजेन्द्र कुमार सिंघवी |
| 47 | हिंदी कहानियों का शिल्प और पर्यावरणीय संवेदना: मानव-प्रकृति संबंध की सतत व्याख्या Authors: श्वेता पारीक , निर्मला राव |
| 48 | विकास का मिथक और जन-विस्थापन व शोषण का यथार्थ: ‘डूब’ उपन्यास के संदर्भ में |
| 49 | फणिश्वरनाथ रेणु के उपन्यास ‘ मैला आँचल ’ में आंचलिकता |
| 50 | सुरेंद्र वर्मा के नाटकों का रंगमंचीय अध्ययन Authors: सौरभ कुमार शर्मा, ओमप्रकाश द्विवेदी |
| 51 | महाभारत के पुरुष पात्रों के स्त्री-विषयक मनोविज्ञान की समकालीन प्रासंगिकता (नरेंद्र कोहली कृत महासमर उपन्यास के विशिष्ट संदर्भ में) Authors: तरुण किशोर नौटियाल
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| 52 | प्रेमचंद की कफन में अमानवीय गरीबी का चित्रण Authors: Dr. D Ananthalakshmi |
| 53 | आचार्य हजारी प्रसाद द्विवेदी के ललित निबंधों में सामयिक-बोध |
| 54 | ग्रामीण कृषि श्रमिकों की मौसमी रोजगार सरंचना (उत्तर प्रदेष के जौनपुर जिले के विषेष संदर्भ में) Authors: सुश्मिता सिंह, मृदुला मिश्रा |
| 55 | वैश्वीकरण और सांस्कृतिक संकट के संदर्भ में रामचरितमानस की प्रासंगिकता Authors: डॉ. राखी सोराठिया |
| 56 | मुगलकालीन महिलाओं का तत्कालीन समाज एवं संस्कृति के विकास में योगदान |
| 57 | ओड़िआ वैष्णव साहित्य में निर्गुणवादी चेतना Authors: विष्णुप्रिया भुक्ता, डॉ स्नेहलता दास |
| 58 | पंडित चंद्रधर शर्मा गुलेरी की उसने कहा था में उदात्त प्रेम Authors: Dr. D Ananthalakshmi |
| 59 | ममता कालिया के उपन्यासों में स्त्री जीवन का चित्रण |
| 60 | मन्नू भंडारी की कहानी ‘यही सच है’ में स्त्री-मन, प्रेम और आत्मचेतना का मनोवैज्ञानिक विश्लेषण |
| 61 | गिर्दा के जनगीत ‘जैंता एक दिन तो आलो’ में उत्तराखण्ड की लोकसंस्कृति, सांस्कृतिक स्मृति और सामाजिक परिवर्तन की चेतना Authors: डॉ. निधि उप्रेती |
| 62 | शिक्षक-प्रशिक्षुओं में भावनात्मक बुद्धिमत्ता एवं मनोवैज्ञानिक अनुकूलन का अन्तर्संबंध: एक अधि-संश्लेषणात्मक अध्ययन Authors: ममता सिंह, डॉ. ममता व्यास |
| 63 | बौद्ध दर्शन में नारी की स्थिति: एक आलोचनात्मक विमर्श |
| 64 | कमल कुमार के कथा-साहित्य में स्त्री-विमर्श और समकालीन सामाजिक यथार्थ Authors: हरिस्वरूप, डॉ. मीनेश जैन |
| 65 | विश्वेश्वरप्रसाद कोइराला के उपन्यासों में सामाजिक यथार्थ और सांस्कृतिक परिदृश्य का अध्ययन Authors: मौसमी सिंह तिवारी |