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VOL. 6, ISSUE 1 (2020)
हिंदी समाचार पत्र ‘दैनिक भास्कर’ में वर्तनीगत एकरूपता की वर्तमान स्थिति: एक अध्ययन
Authors
रश्मि रानी
Abstract
हिंदी विश्व की तीव्र गति से विकसित होने वाली भाषा है। Ethnologue: Language of the World’ के 2019 के वार्षिक ऑनलाइन अंक के अनुसार विश्व की 10 सबसे अधिक बोली जाने वाली भाषाओं की सूची में हिंदी का भी शामिल है। इस सूची में हिंदी को चौथा स्थान प्राप्त है। भारत में सबसे ज्यादा बोली जाने वाली भाषा भी हिंदी ही है। हिंदी के विकास की गति बढ़ाने हेतु इसकी कमजोरियों को दूर करना बहुत आवश्यक है। हिंदी भाषा के लेखन में वर्तनीगत भिन्नता हिंदी की एक कमजोरी मानी जा सकती है। हिंदी के एक ही शब्द को एक से अधिक वर्तनी के प्रयोग से लिखना हिंदी लेखन में भ्रम उत्पन्न करता है। इस कमजोरी को दूर करने के लिए ही हिंदी का मानकीकरण किया गया है। आवश्यकता मानक हिंदी के प्रचार-प्रसार की है। इस क्षेत्र में जनसंचार का महत्वपूर्ण प्रिंट माध्यम ‘हिंदी’ समाचार पत्र मुख्य भूमिका निभा सकता है। हिंदी समाचार पत्रों का पाठक वर्ग बहुत विशाल है यदि ये समाचार पत्र हिंदी की मानक वर्तनी का प्रयोग कर समाचार पत्रों में एकरूप वर्तनी का प्रयोग करें तो उचित वर्तनी वाले शब्दों को लेकर होने वाली दुविधा को दूर किया जा सकता है। प्रस्तुत शोध पत्र में हिंदी के एक लोकप्रिय समाचार पत्र ‘दैनिक भास्कर’ का अध्ययन कर उसमें प्रयोग होने वाले भिन्न-भिन्न वर्तनियों वाले शब्दों के प्रयोग पर प्रकश डाला गया है।
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Pages:69-71
How to cite this article:
रश्मि रानी "हिंदी समाचार पत्र ‘दैनिक भास्कर’ में वर्तनीगत एकरूपता की वर्तमान स्थिति: एक अध्ययन". International Journal of Hindi Research, Vol 6, Issue 1, 2020, Pages 69-71
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