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VOL. 6, ISSUE 3 (2020)
असंगठित क्षेत्र में कार्यरत् महिलाओं की कार्यक्षेत्र के प्रति वैधानिक जागरूकता
Authors
किशोर कुमार
Abstract
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असंगठित क्षेत्र भारतीय अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण भाग है। जिसके अन्र्तगत अनेको अपंजीकृत उद्योग एवं व्यवसाय आते है। स्वतंत्रता से पूर्व जहाॅ महिलाऐं पराम्परागत-रुढियों, समस्याओं एंव परिवार के मूल्यों एवं आदर्शो के कारण खुली हवा में सांस नही ले पा रही थी। वही स्वतंत्रता के पश्चात्, औद्योगिकीकरण एवं नगरीकरण के युग में महिलाओं की स्थिति में काफी परिवर्तन आया है। औद्योगिकीकरण एवं नगरीकरण की प्रक्रिया के परिणामस्वरूप महिलाओं में घर से बाहर कार्य करने की प्रवृति विकसित हुई। जिसमें महिलाओं की राजनीतिक जागरूकता को भी महत्वपूर्ण माना जा सकता है। परम्परागत समाजों में राजनीति में सहभागिता समाज के केवल पुरूष वर्ग की ही होती थी किन्तु आधुनिकीकरण के परिणाम स्वरूप महिलाओं में भी राजनीति के प्रति रूचि का बढ़ना स्वाभाविक है। इसीलिए यह अपेक्षा की जाती है कि आधुनिकीकरण के साथ ही महिलाओं में राजनीति ज्ञान, चेतना एवं सहभागिता का भी विकास होगा। इसी संदर्भ में प्रस्तुत शोध प्रपत्र नैनीताल नगर के असंगठित क्षेत्र में कार्यरत् 248 महिलाओं को संगणना पद्वति के आधार चयनित किया गया हैं। जिसमें कार्यरत् महिलाओं को दो श्रेणियों में विभाजित गया हैै, पहला कुटीर क्षेत्र में 168 तथा दूसरा सेवा क्षेत्र में 80 महिलाएं कार्यरत् पायी गयी। इसी आधार इन क्षेत्रों में कार्यरत् महिलाओं का कार्यक्षेत्र के प्रति वैधानिक जागरूकता को विश्लेषित करने का प्रयास किया जायेगा।
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Pages:54-59
How to cite this article:
किशोर कुमार "असंगठित क्षेत्र में कार्यरत् महिलाओं की कार्यक्षेत्र के प्रति वैधानिक जागरूकता". International Journal of Hindi Research, Vol 6, Issue 3, 2020, Pages 54-59
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