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International Journal of
Hindi Research
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VOL. 6, ISSUE 6 (2020)
मध्यप्रदेश में कृषि विकास की समस्याएं
Authors
मदन ठाकरे, डाॅ. कंचन श्रीवास्तव
Abstract
लगभग वर्ष 1981-82 में पटवारी अभिलेखो तथा वन अभिलेखो के अनुसार राज्स का कुल क्षेत्रफल 4,42,10,835 हेक्टेयर है, जिसमें से 3,70,63,201 हैक्टेयर पटवारी अभिलेखों अर्थात राजस्व क्षेत्रफल के रुप में प्रतिवेदित किया गया है। भारत के महासर्वेक्षक द्वारा प्रतिवेदित भौगौलिक क्षेत्रफल 44324100 हैक्टेयर पटवारी एवं वन अभिलेखों पर आधारित कुल क्षेत्रफल से 1,13,265 हैक्टेयर अर्थात 0,3 प्रतिशत कम है। इस अंतर का मुख्य कारण यह है कि दोनों अभिकरणो द्वारा क्षेत्रफल का अनुमान लगाने के लिए अलग-अलग पद्वतियाँ अपनाई जाती है। इसके अतिरिक्त कुछ क्षेत्रों का किस्तवार भू -मापन नही हुआ है। राज्य के क्षेत्रफल का सही -सही अनुपात लगाने के लिए शासन द्वारा किस्तवार भू -मापन करके संबंधी योजना क्रियान्वित की गई है। वर्ष 1981-82 में पटवारी तथा वन विभाग के अभिलेखों के अनुसार राज्य का कुल क्षेत्रफल गत वर्षो की तुलना में 56 हेक्टेयर अधिक है। जिसका कारण मंदसौर जिले में सीमा विवाद सुलझाने से 11 हेक्टेयर कम व पन्ना जिले के अपरमापित क्षेत्र का भू -मापन होने के फलस्वरुप 67 हेक्टेयर क्षेत्रफल की वृद्वि होना है। आजादी के पश्चात् जब देश में खाद्य संकट पैदा हो गया तब भारतीय सरकार ने विदेशों से खाद्यान्न का आयात किया। 1949 में देश में 37 लाख टन खाद्यान्न का आयात किया। देश का आर्थिक विकास कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के विकास में ही निहित है इस बात को ध्यान में रखते हुए शासन ने सर्वप्रथम 1947-48 में ‘‘अधिक अन्न उपजाओं’’ अभियान शुरू किया और अगले पांच वर्षों में 40 लाख टन अतिरिक्त खाद्यान्न उत्पादन का लक्ष्य रखा गया। 1947 में महात्मा गांधी क सुझावों पर अन्न पर से नियंत्रण हटा लिया गया । यह नियंत्रण 1943 में अन्न के अभाव एवं मूल्य में अत्याधिक वृद्धि के कारण सरकार द्वारा खाद्यान्न के मूल्यों पर लगाया गया था। 1948 में पुनः मूल्य नियंत्रण की नीति अपनायी क्योंकि अन्न के मूल्य में 50 प्रतिशत की वृद्धि हो गई थी। इसके अतिरिक्त प्राकृतिक प्रकोप भी खाद्य समस्या को दबाने में सहायक रहे। देश की खाद्य समस्या को सुलझाने एवं देश के आर्थिक विकास के लिए सोवियत संघ की भांति भारत सरकार ने योजनाओं का आश्रय लिया तथा योजना के माध्यम से देश का विकास किया जाने लगा।
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Pages:164-166
How to cite this article:
मदन ठाकरे, डाॅ. कंचन श्रीवास्तव "मध्यप्रदेश में कृषि विकास की समस्याएं ". International Journal of Hindi Research, Vol 6, Issue 6, 2020, Pages 164-166
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