Logo
International Journal of
Hindi Research
ARCHIVES
VOL. 7, ISSUE 2 (2021)
जासूसी और गोपालराम गहमरी
Authors
नीरुत्पल बोरा
Abstract
जासूसी उपन्यास नवयुग की देन है, परन्तु जासूस नहीं। संस्कृत में जासूस को 'चर' अथवा 'गुप्तचर' कहते हैं। 'अर्थशास्त्र' के रचयिता चाणक्य ने राजनीति में गुप्तचरों के महत्व की व्याख्या की है और गुप्तचरों राजा की एक विशेष शक्ति माना है। जासूसी उपन्यास हिन्दी साहित्य के लिए नई चीज था, इसका आगमन युरोप से बंगाल होता हुआ हिन्दी क्षेत्र में विकास हुआ। जितने जासूसी उपन्यास उपलब्ध हैं उनके विषय में निश्चयपूर्वक यह कहना कि सर्वथा मौलिक है, असंभव है, क्योंकि उनमें से अधिकतर का बीज किसी न किसी प्रकार बाहर से आया है। जासूसी उपन्यासों के प्रवर्तक तथा सर्वश्रेष्ठ लेखक गोपालराम गहमरी हैं। उन्होंने लगभग डेढ़ सौ उपन्यास लिखे हैं। इनमें से जो जासूसी हैं उनके विषय में यह कहना संभव नहीं कि उनमें कितनी मौलिकता है, कितनी छाया और कितना अनुकरण। उनके अधिकतर उपन्यास घटनात्मक हैं फिर भी लेखक का उद्देश्य मंगल-वर्षा रहा है, वह समाज का सुधार करना चाहता है। जासूसी उपन्यास तिलस्मी उपन्यासों की अपेक्षा जीवन के अधिक निकट है। लेखक की भाषा सरल तथा लोकप्रिय होते हुए भी तत्सम शब्दावली का अधिक ध्यान रखती है। जासूसी होते हुए भी इन उपन्यासों में कोई अग्राह्य नहीं है, रहस्य-मात्र का उद्घाटन एवं सत्कर्म का उपदेश उपन्यासकार का उद्देश्य रहा है। उपन्यासों के लिए अंग्रेजी में जिस प्रकार के जासूसी पात्र बनाया गया वे अपराध का पता लगाने वाले थे। इसीलिए जासूसी उपन्यास को 'पुलिस नावेल' भी कहते हैं। राष्ट्रभाषा संबंधी और हिन्दी साहित्य संबंधी तथा खड़ीबोली को लेकर बहस कि शुरूआत उन्होंने अपने पत्रिका, निबंध और लेखों के माध्यम से प्रकट किया है। गहमरीजी ने काव्य में सामाजिक, राजनीतिक, यथार्थ, आर्थिक, तथा शैक्षणिक समस्याओं को प्रकट किया है । विभिन्न समस्याओं को केंद्र में रखकर सामाजिक नीतिमत्ता तथा मानवीय मूल्यों और गहमरीजी को सिर्फ जासूसी उपन्यासकार ही नहीं, बल्कि एक सच्चे हिन्दी सेवी साहित्यकार के रूप में स्थापन करना उनका उद्देश्य रहा है । अनूदित साहित्य के माध्यम से हमारे साहित्य कि कक्षा विस्तृत करना, भारतीय संस्कृति और गहमरीजी के गद्य साहित्य में चित्रित विचारों को स्पष्ट करना, ब्रिटीशकलीन भारतीय जनजीवन को पत्रकारिता के यतहरथ रूप में दिखाना आदि इस शोध कार्य का उद्देश्य रहा है।
Download
Pages:61-64
How to cite this article:
नीरुत्पल बोरा "जासूसी और गोपालराम गहमरी ". International Journal of Hindi Research, Vol 7, Issue 2, 2021, Pages 61-64
Download Author Certificate

Please enter the email address corresponding to this article submission to download your certificate.