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VOL. 9, ISSUE 2 (2023)
शोध लेख-नारी संघर्ष, समस्या और सामाजिक कुरीतियों का आईना ‘सेवासदन’
Authors
कुमारी ममता सिंह
Abstract
‘’सेवासदन’’ उपन्यास में मुंशी प्रेमचंद ने नारी जीवन की समस्याओं के साथ कई समस्याओं को उभारा है। उन्होंने अपने साहित्य में नारी को केंद्र में रखकर उसके जीवन के संघर्ष, समस्याओं के साथ अन्य कई पहलुओं को पाठकों के सामने रखने की कोशिश की है। लेखन एक ऐसी कला है जिसके माध्यम से हम समाज को सच का आईना दिखा सकते है और ‘सेवासदन’ के माध्यम से प्रेमचंद ने, समाज की कुरीतियों को पाठको के सामने लाने की कोशिश की है। उन्होंने दिखाया है कि किस तरह मध्यवर्गीय नारी समस्याओं के घेरे में घिर कर वो कर बैठती है जो उसने सोचा ना था। ‘सेवासदन’ की नायिका सुमन एक सीधी-साधी स्त्री होती है जो परिस्थियों का शिकार होकर वेश्यावृति के दलदल में फंस जाती है और जब इस दलदल से निकलना चाहती है तो सामाजिक कुरीतियाँ उसे उस दलदल में और धँसा देती है।
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Pages:14-15
How to cite this article:
कुमारी ममता सिंह "शोध लेख-नारी संघर्ष, समस्या और सामाजिक कुरीतियों का आईना ‘सेवासदन’". International Journal of Hindi Research, Vol 9, Issue 2, 2023, Pages 14-15
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