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International Journal of
Hindi Research
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VOL. 11, ISSUE 3 (2025)
प्रेमचंद की कहानियों में सामाजिक यथार्थ का चित्रण: एक समीक्षात्मक अध्ययन
Authors
डॉ. आनंद कुमार कश्यप
Abstract

मुंशी प्रेमचंद हिंदी कथा साहित्य के ऐसे पुरोधा लेखक हैं, जिन्होंने अपने लेखन के माध्यम से भारतीय समाज की जटिलताओं, विरोधाभासों और यथार्थ को अत्यंत प्रभावशाली ढंग से चित्रित किया। प्रस्तुत शोध में उनकी चार प्रमुख कहानियाँ क्रमशः पंच परमेश्वर, ईदगाह, बड़े घर की बेटी और कफ़न का चयन किया गया है। इन कहानियों का गहन विश्लेषण करते हुए शोधार्थी ने यह स्पष्ट किया है कि प्रेमचंद का साहित्य केवल कल्पना या मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि सामाजिक चेतना का संवाहक है। पंच परमेश्वर में न्याय और निष्पक्षता की महत्ता को उभारा गया है, जो पंचायत व्यवस्था की नैतिक नींव को दर्शाता है। ईदगाह में एक बालक की संवेदनशीलता, त्याग और पारिवारिक मूल्यों की गहन अभिव्यक्ति है। बड़े घर की बेटी में स्त्री चेतना, आत्मसम्मान और पारिवारिक मर्यादा के द्वंद्व को अत्यंत संयमित शैली में उकेरा गया है। कफ़न कहानी गरीबी से उत्पन्न नैतिक क्षरण और सामाजिक विडंबना का कटु यथार्थ प्रस्तुत करती है। यह शोध वर्णनात्मक और विश्लेषणात्मक पद्धति पर आधारित है, जिसमें प्राथमिक स्रोत के रूप में प्रेमचंद की मूल कहानियाँ और द्वितीयक स्रोतों के रूप में आलोचनात्मक ग्रंथ, शोध आलेख तथा समीक्षाएँ सम्मिलित हैं। शोध का उद्देश्य प्रेमचंद की कहानियों में प्रतिफलित सामाजिक यथार्थ को वर्तमान परिप्रेक्ष्य में समझना और साहित्य को सामाजिक दर्पण के रूप में स्थापित करना है।

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Pages:30-33
How to cite this article:
डॉ. आनंद कुमार कश्यप "प्रेमचंद की कहानियों में सामाजिक यथार्थ का चित्रण: एक समीक्षात्मक अध्ययन". International Journal of Hindi Research, Vol 11, Issue 3, 2025, Pages 30-33
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