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International Journal of
Hindi Research
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VOL. 11, ISSUE 3 (2025)
हिंदी पत्रकारिता में भाषा शैली का ऐतिहासिक विकास
Authors
रति सुलेगाव
Abstract

हिंदी पत्रकारिता में भाषा शैली का विकास भारत के सामाजिक, सांस्कृतिक, और तकनीकी परिवर्तनों का दर्पण रहा है। यह शोध पत्र प्रिंट और डिजिटल मीडिया में हिंदी पत्रकारिता की भाषा शैली के ऐतिहासिक विकास की तुलनात्मक पड़ताल करता है। प्रिंट मीडिया ने परंपरागत रूप से संस्कृतनिष्ठ, औपचारिक, और संरचित भाषा का उपयोग किया, जो शिक्षित और शहरी पाठकों को आकर्षित करने के लिए राष्ट्रीय एकता और विश्वसनीयता पर केंद्रित थी। इसके विपरीत, डिजिटल मीडिया ने 21वीं सदी में बोलचाल, क्षेत्रीय शब्दावली, और अंग्रेजी मिश्रित शब्दों को अपनाकर अधिक गतिशील और पाठक-केंद्रित शैली विकसित की है, जो युवा और ग्रामीण पाठकों को लक्षित करती है। यह अध्ययन गुणात्मक सामग्री विश्लेषण, ऐतिहासिक दस्तावेजों की समीक्षा, और पत्रकारों के साक्षात्कारों के माध्यम से यह दर्शाता है कि सामाजिक-राजनीतिक परिवर्तन, तकनीकी प्रगति, और बदलते पाठक वर्ग ने भाषा शैली को आकार दिया है। विश्लेषण में पाया गया कि प्रिंट मीडिया की औपचारिकता संपादकीय मानकों और मुद्रण की सीमाओं से प्रेरित थी, जबकि डिजिटल मीडिया की लचीलापन और त्वरित जुड़ाव की आवश्यकता ने संवादात्मक और मिश्रित भाषा को बढ़ावा दिया। यह शोध पत्र हिंदी पत्रकारिता में भाषा के बदलते स्वरूप को समझने का आधार प्रदान करता है और भविष्य में प्रिंट और डिजिटल शैलियों के मिश्रण की संभावनाओं को रेखांकित करता है। यह अध्ययन पत्रकारिता के शैक्षिक और व्यावहारिक क्षेत्र में भाषा नीति और प्रशिक्षण के लिए महत्वपूर्ण निहितार्थ प्रस्तुत करता है।

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Pages:47-50
How to cite this article:
रति सुलेगाव "हिंदी पत्रकारिता में भाषा शैली का ऐतिहासिक विकास". International Journal of Hindi Research, Vol 11, Issue 3, 2025, Pages 47-50
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