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VOL. 2, ISSUE 1 (2016)
श्रीमद्भगवद्गीता में दी गयीं आज्ञाएँ
Authors
राका शर्मा
Abstract
गीता एक प्रासादिक ग्रन्थ है। इस छोटे से ग्रन्थ में इतनी विलक्षणता है कि अपना कल्याण चाहने वाला व्यक्ति किसी भी जाति, वर्ण, आश्रम, सम्प्रदाय, देश आदि का क्यों न हो इस ग्रन्थ को पढ़ते ही इसके प्रति आकृष्ट हो जाता है। यदि गीता में वर्णित ज्ञान को तथा आज्ञाओं को मनुष्य भली-भाँति समझ लें तो युद्ध जैसी विषम परिस्थिति में भी मनुष्य अपना कल्याण कर सकता है।
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Pages:63-64
How to cite this article:
राका शर्मा "श्रीमद्भगवद्गीता में दी गयीं आज्ञाएँ". International Journal of Hindi Research, Vol 2, Issue 1, 2016, Pages 63-64
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