मन्नूभंडारी हिंदी कीआधुनिक कहानीकारऔर उपन्यासकारहैं। इन्होंने बंगाली कथाकार शरतचंद्र की कहानी स्वामी पर से हिंदी में ‘स्वामी’ उपन्यास की रचना की। जो एक प्रयोग ही है। शरतचंद्र तो बंगाली साहित्य में नारी-लेखक के रूप में प्रख्यात हैं। जिनकी कहानियाँ व उपन्यास आदर्शात्मक हैं।शरतचंद्र की ‘स्वामी’ एक आदर्शात्मक कहानी है। जिसकी नायिका सौदामिनी के लिए नरेन्द्र के प्रति का आकर्षण पति के बीच की खाई बन जाता है, जिसे उसकी सारी उदारता के बावजूद वह लाँघ नहीं पाती। जब कि मन्नू भंडारी की सौदामिनी आधुनिक युग की एक ऐसी नारी है जिसका मन पति और प्रेमी के बीच उलझ गया है किन्तु अंत में वह अपने पति का ही वरण करती है। ऐसे में मन्नू भंडारी की सौदामिनी भी आदर्शवादिनी बनी रहती है।
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