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International Journal of
Hindi Research
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VOL. 2, ISSUE 5 (2016)
बघेलखण्ड में इतिहासकार अब्दुष समद खाँ का योगदान
Authors
डाॅ. अर्चना पटेल
Abstract
बधेलखण्ड में अनेको क्षत्रियों की रियासते व राज्य रहें है, जिसमें रीवा राज्य सबसे महत्वपूर्ण माना जायेगा। उसी राज्य की राजधानी जो बांधवगढ़ के पश्चात् रीवा में बनायी गयी थी उसमंे रहने वाले एक जागरूक ईमानदार तथा विद्वान लेखक अब्दुश समद खाँ हुये है, जिन्होंने पाकिस्तान जाकर भी अपनी मातृ-भूमि भारत के रीवा नगर को भुलाना तो दूर की बात है। पूरी पुस्तक में यथासम्भव अनेकों स्थानों व्यक्तियों का वर्णन किया है जिससे प्रमाणित होता है कि वो एक सत्यवादी तथा मानवतावादी सफल लेखक थे, जिसका उदाहरणार्थ कुछ जिक्र करने का प्रयत्न किया जा रहा है। मैने कनीज फातमा पुस्तकालय बिछिया रीवा से मिली उर्दू भाषा में प्रकाशित पुस्तक को पढ़कर तथा भाषा विधि वहाँ के सचिव आचार्य मास्टर अब्दुल गफ्फार खाँन जी की सहायता से उर्दू भाषा एवं लिपि हिन्दी भाषा एवं लिपि में करने का समुचित प्रयत्न किया जो विनम्रता पूर्वक प्रस्तुत है।
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Pages:46-48
How to cite this article:
डाॅ. अर्चना पटेल "बघेलखण्ड में इतिहासकार अब्दुष समद खाँ का योगदान". International Journal of Hindi Research, Vol 2, Issue 5, 2016, Pages 46-48
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