Logo
International Journal of
Hindi Research
ARCHIVES
VOL. 4, ISSUE 6 (2018)
समकालीन कविता में मार्क्सवादी चिंतन
Authors
पी. ए. देवस्या
Abstract
साठोत्तरी हिन्दी कविता या समकालीन हिन्दी कविता नई कविता के विविध संघर्षों में एक महत्वपूर्ण घटना है। मानव मन की जीवनानुभूतियों और उनके मन के सपने और स्मृतियों की शाब्दिक अभिव्यक्ति कविता में झलक पडती हैं। कुछ विद्वानों के मतानुसार नई कविता का अन्य कुछ नाम भी हैं- तत्कालीन कविता या समसामयिक कविता। समकालीन कवि को सदा भविष्य के संबंध में मंगलमयी प्रतीक्षा है। भविष्य की संभावनाओं की ओर देखना, पहचानना और समझना इस कविता की सब से बडी विशेषता है। यह कविता पढकर वर्तमानकाल का बोध हो सकता है क्योंकि उसमें जीते, संघर्ष करते, लडते, तडपते, गजरते मानव का यथार्थ चित्र मिलता है।
Download
Pages:24-26
How to cite this article:
पी. ए. देवस्या "समकालीन कविता में मार्क्सवादी चिंतन". International Journal of Hindi Research, Vol 4, Issue 6, 2018, Pages 24-26
Download Author Certificate

Please enter the email address corresponding to this article submission to download your certificate.