International Journal of Hindi Research

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International Journal of Hindi Research
International Journal of Hindi Research
Vol. 6, Issue 2 (2020)

निहाली भाषा की लोक-कथा का समाजभाषावैज्ञानिक विश्लेषण


अनामिका गुप्ता

प्रस्तुत शोधालेख निहाली की लोककथा ‘ईर-एजेर’ अर्थात ‘दो भाई’ के समाजभाषावैज्ञानिक अध्ययन एवं विश्लेषण पर आधारित है। इस शोधालेख में सर्वप्रथम निहाली भाषा की पृष्ठभूमि को प्रस्तुत करने का प्रयास किया गया है। इसके पश्चात निहाली भाषा की उल्लिखित लोककथा की लिपि को विस्तारपूर्वक हिंदी अनुवाद के साथ शोधालेख में सम्मिलित किया गया है जिसके अध्ययन एवं विश्लेषण उपरांत समाजभाषावैज्ञानिक दृष्टिकोण को आत्मसात करते हुए निहाली भाषा में हिंदी भाषा के रुपमिक स्तर के कोड मिश्रण को व्यष्टि समाजभाषाविज्ञान की संकल्पना अनुरूप प्रस्तुत करने का प्रयास किया गया है और साथ ही समष्टि समाजभाषाविज्ञान की संकल्पना को अपनाते हुए भाषा जिस समाज में व्यवहार करती है, उस समाज की संरचना एवं आपसी संबंधों को व्याख्यायित करने का प्रयास किया गया है। निहाली भाषा विलोपन की समस्या एवं संकट से ग्रस्त एक पृथक भाषा है। अतः प्रस्तुत शोधालेख इसके संरक्षण में एक छोटी सी भूमिका निभाने का दायित्व समझकर लिखा गया है।
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अनामिका गुप्ता. निहाली भाषा की लोक-कथा का समाजभाषावैज्ञानिक विश्लेषण. International Journal of Hindi Research, Volume 6, Issue 2, 2020, Pages 44-46
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