International Journal of Hindi Research

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Vol. 6, Issue 4 (2020)

मैत्रेयी पुष्पा का कथा साहित्य और अनुशीलन


आशुतोष कुमार द्विवेदी, सुलेखा मिश्रा

मैत्रेयी पुष्पा सन्-1960,के बााद हिनदी कथा साहित्य में प्रविष्ट हुई और आज अपनी खास पहचान बनाए हुए हैं,उपन्यास औरा कहानी मे कथा के चुनाव का ढंग, प्रस्तुति का अनोखा तरीका और गजब की भाषा -शैली,साथ ही ऐसे -ऐसे चरित्र जिनके बारे में किसी ने शायद ही सोचा हो, लेकर मैत्रेयी पुष्पा का आगमन हिन्दी -साहित्य में हुआ। फरीणीश्वर नाथ रेणु के बाद आँचलिक उपन्यासकार के रुप में मैत्रेयी पुष्पा का नाम उभरकर सामने आया हैे। बुंदेलखण्ड के आँचल के जनजीवन को लेकर कथा लिखा है, जिसकी परिधि में सम्पूर्ण भारतीय ग्रामीण समाज समा गया है।
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आशुतोष कुमार द्विवेदी, सुलेखा मिश्रा. मैत्रेयी पुष्पा का कथा साहित्य और अनुशीलन. International Journal of Hindi Research, Volume 6, Issue 4, 2020, Pages 63-65
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