ARCHIVES
VOL. 7, ISSUE 2 (2021)
जयशंकर प्रसाद का नाट्य साहित्य
Authors
डॉ. सीमा शर्मा
Abstract
जयशंकर प्रसाद का नाट्य साहित्य प्रथम महायुद्ध की विभीषिका झेलती मनुष्यता का युग था। प्रसाद के नाटक ऐतिहासिक होते हुए भी आधुनिक मूल्यों के क्षरण, व्यक्ति के अस्तित्वबोध, संघर्ष, आदर्शवादी स्वप्न, कटु यथार्थ और उनके संघर्ष से उत्पन्न विडम्बना का बोध कराते हैं, जिसमें नियति महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
Download
Pages:56-60
How to cite this article:
डॉ. सीमा शर्मा "जयशंकर प्रसाद का नाट्य साहित्य ". International Journal of Hindi Research, Vol 7, Issue 2, 2021, Pages 56-60
Download Author Certificate
Please enter the email address corresponding to this article submission to download your certificate.

