ARCHIVES
VOL. 7, ISSUE 4 (2021)
कार्बन प्रच्छादन के सह-लाभों के परिपेक्ष्य में मनरेगा परियोजना: वृत्त का अध्ययन
Authors
डॉ सुभाष भिमराव दोंदे
Abstract
मनरेगा (महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम) यह ग्रामीण भारत को ‘श्रम की गरिमा’ से परिचित कराने वाला, गरीब व सामाजिक रूप से कमज़ोर वर्गों, जैसे- मज़दूर, आदिवासी, दलित एवं सूखे की मार से जूझते छोटे सीमांत कृषकों को 2006 से निरंतर रोजगार की मांग का कानूनी अधिकार देनेवाला विश्व का सबसे बड़ा सामाजिक सुरक्षा कार्यक्रम है। ग्रामीण परिवारों को अकुशल शारीरिक श्रम की पेशकश करते हुए सूखा या कोरोना महामारी जैसी आपदा में मनरेगा राहत का एक प्रमुख स्रोत बना है और जिसने काफी हद तक कमजोर वर्गों के आबादी को भुखमरी से सुरक्षा प्रदान की है। मनरेगा के तहत लागू की गई गतिविधियां मुख्य रूप से भूमि और जल संसाधनों में सुधार पर केंद्रित हैं। इन गतिविधियों से पर्यावरणीय लाभ उत्पन्न होते हैं जैसे सिंचाई के प्रावधान में वृद्धि, भूजल पुनर्भरण, मिट्टी, जल और जैव विविधता संरक्षण, खाद्य उत्पादन में वृद्धि, भूमि क्षरण को रोकना और नमी के तनाव, विलंबित वर्षा, सूखा और बाढ़ जैसे वर्तमान जलवायु जोखिमों के लिए लचीलापन बनाना इत्यादि। मृदा हमारे ग्रह पर कार्बन के सबसे बड़े संग्राहक भंडारों में से एक है और वायुमंडल की तुलना में इस में तीन गुना अधिक कार्बन है। मनरेगा के तहत किए गए मजदूरी के कामों से पानी और भूमि संसाधनों में सुधार, मृदा कार्बन में वृद्धि और मिट्टी के भूक्षरण में कमी के कारण कार्बन प्रच्छादन या अधिग्रहण (sequestration) के रूप में पर्यावरणीय लाभों में बढ़ोतरी तथा छेद्यता (vulnerability) में कमी आई है। जलवायु परिवर्तन संबंधी पेरिस समझौते के अनुरूप 2030 तक भारत के राष्ट्रीय निर्धारित योगदान लक्ष्य को अतिरिक्त वन और वृक्ष आवरण के माध्यम से 2.5-3 मिलियन टन कार्बन डाइऑक्साइड- समतुल्य अतिरिक्त कार्बन कुंड (sink) बनाने के अपने लक्ष्य को प्राप्त करने में मनरेगा मदद कर सकता है। वृत्त का अध्ययन (case study) के दायरें में प्रस्तुत लेख कार्बन प्रच्छादन के परिपेक्ष्य में अनेक सतत विकास लक्ष्यों की निर्वाहक 'मनरेगा' महा-परियोजना के कृषि-पारिस्थितिकी सह-लाभों को उजागर करता है।
Download
Pages:63-68
How to cite this article:
डॉ सुभाष भिमराव दोंदे "कार्बन प्रच्छादन के सह-लाभों के परिपेक्ष्य में मनरेगा परियोजना: वृत्त का अध्ययन ". International Journal of Hindi Research, Vol 7, Issue 4, 2021, Pages 63-68
Download Author Certificate
Please enter the email address corresponding to this article submission to download your certificate.

