Logo
International Journal of
Hindi Research
ARCHIVES
VOL. 7, ISSUE 4 (2021)
विश्व क्षितिज का दैदीप्यमान कविः गोस्वामी तुलसीदास
Authors
ज्योत्स्ना आनंद
Abstract
अखिल भारतीय भक्ति काव्यधारा के सिरमौर कवि गोस्वामी तुलसीदास का काव्य संपूर्ण भारतीय जन-मानस में श्रद्धा का विषय है । प्रस्तुत शोध-आलेख का ध्येय गोस्वामी तुलसीदास के समग्र काव्य की प्रासंगिकता का विवेचन प्रस्तुत करना रहा है। गोस्वामी तुलसीदास के कृतित्व में अंकित संकुचित रूढ़ वैचारिक सीमाओं के सात्विक अतिक्रमण के प्रमुख आयामों को आलोकित करना ही शोध-आलेख का मुख्य उद्देश्य रहा है।
Download
Pages:150-151
How to cite this article:
ज्योत्स्ना आनंद "विश्व क्षितिज का दैदीप्यमान कविः गोस्वामी तुलसीदास". International Journal of Hindi Research, Vol 7, Issue 4, 2021, Pages 150-151
Download Author Certificate

Please enter the email address corresponding to this article submission to download your certificate.