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VOL. 7, ISSUE 4 (2021)
खड़ी बोली और साहित्यिक भाषा के रूप में उसका विकास
Authors
ज्योत्स्ना आनंद
Abstract
प्रस्तुत शोध-आलेख का ध्येय खड़ी बोली आन्दोलन के सन्दर्भ में साहित्येतिहास के वास्तविक परिदृश्य को आलोकित करना रहा है । शोध-आलेख का उद्देश्य खड़ी बोली के जन्म से लेकर उसके एक साहित्यिक गद्य की भाषा के रूप में विकसित होने की यात्रा का परिचय प्रदान करना है। इसमें खड़ी-बोली के प्रचार-प्रसार एवं उसके प्रभाव क्षेत्रों पर प्रकाश डालना हमारा ध्येय रहा है । शोध-आलेख में समय सन्दर्भ के परिप्रेक्ष्य में साहित्यिक व्यक्तित्वों सहित ऐतिहासिक सन्दर्भों को स्पष्ट करने का प्रयास किया गया है।
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Pages:154-155
How to cite this article:
ज्योत्स्ना आनंद "खड़ी बोली और साहित्यिक भाषा के रूप में उसका विकास". International Journal of Hindi Research, Vol 7, Issue 4, 2021, Pages 154-155
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