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VOL. 7, ISSUE 6 (2021)
प्रेमचन्दः मानवता के महान शब्दकार
Authors
डॉ0 ऋचा सुकुमार
Abstract
प्रेमचन्द हिन्दी ही नहीं, सम्पूर्ण भारत वर्ष के सुप्रसिद्ध साहित्य- स्रष्टा है जिन्होंने मामूली, अनाम, अधाम आदमी को अपनी सर्जना का केन्द्रिक सरोकार बनाया । निम्न और निम्न - मध्यवर्गीय अनगिन बेनाम, बेचेहरा, बेपहचान लोगों को उन्होंने नाम दिया, रूप दिया, चेहरा दिया, पहचान दी, प्रतिष्ठा दी । जैसे अपने व्यक्तिगत और पारिवारिक जीवन में प्रेमचन्द अकृत्रिम और सहज थे, वैसे ही अपने साहित्य- कर्म और साहित्य- चिन्ता में भी । मानवता की महनतम सच्चाई उनके साहित्य के प्रत्येक शब्द में मुखरित है और उनके साहित्य की महनीयता का रहस्य है । इस शोध आलेख में उनके इसी स्वरूप को उद्घाटित करने का प्रयास किया गया है ।
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Pages:25-27
How to cite this article:
डॉ0 ऋचा सुकुमार "प्रेमचन्दः मानवता के महान शब्दकार ". International Journal of Hindi Research, Vol 7, Issue 6, 2021, Pages 25-27
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