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VOL. 7, ISSUE 6 (2021)
नीतिवादी कसौटी पर जैनेन्द्र के उपन्यास
Authors
गणेश कुमार साव
Abstract
जैनेन्द्र, अज्ञेय और इलाचंद्र जोशी हिन्दी के मनोवैज्ञानिक रचनाकार हैं। जिसमें जैनेंद्र का स्थान भी विशिष्ट है, क्योंकि इन्होंनें अपने उपन्यासों में पात्रों के मन का अति सूक्ष्म विश्लेषण मनोवैज्ञानिक ढंग से किया है। साथ ही इन्होने अपने स्त्री पात्रों के माध्यम से भारतीय संस्कृति के नीति व आदर्श रूप प्रस्तुत किया है। इनके उपन्यासों के नारी पात्र परिणाम की चिंता किए बिना सच्चाई को बताने में तनिक भी हिचक नहीं दिखाती और सत्य के साथ जीवन की शुरूआत करना चाहती हैं। नारी पात्रों में त्याग, समर्पण व निश्छल प्रेम के भाव का दर्शन होता है, जो भारतीय संस्कृति के नीति रीति के अनुरूप है। जहाँ जैनेन्द्र के उपन्यासों के स्त्री पात्र एक ओर आधुनिक अधिकार संपन्न नहीं है तो वही दूसरी ओर ये कर्तव्य निर्वाह करते हुए नैतिकता, मर्यादा का पालन करते हुए जिस तरह सामाजिक संरचना में रचे बसे पाखंड को तार-तार किया है वह भविष्य की अधिकारसंपन्न स्त्री के लिए रास्ता बनाती हैं।
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Pages:36-37
How to cite this article:
गणेश कुमार साव "नीतिवादी कसौटी पर जैनेन्द्र के उपन्यास ". International Journal of Hindi Research, Vol 7, Issue 6, 2021, Pages 36-37
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