Logo
International Journal of
Hindi Research
ARCHIVES
VOL. 7, ISSUE 6 (2021)
महर्षि वाल्मीकि के दस्यु प्रकरणः एक विवेचन
Authors
डॉ. आर्यकुमार हर्षवर्धन
Abstract
रामायण महाकाव्य के प्रणेता महर्षि वाल्मीकि के जीवन-चरित को वर्णन करते हुए कई लेखक बताते हैं कि रामायण लिखने से पहले वे एक दस्यु थे। लोक प्रचलित कथानक को ही आधार मानकर कहानी गढ़ी गई है न कि तथ्यात्मक संदर्भ के बल पर। क्योंकि रामायण महाकाव्य में स्वयं वाल्मीकि अपनी स्वीकारोक्ति में बताते हैं कि वे प्रचेता ऋषि के सुपुत्र हैं। अगर वे पहले दस्यु थे और मुनियों के उपदेश से राम-नाम जाप करते हुए अलौकिक काव्य प्रतिभा प्राप्त की तो रामायण में उसे जरूर उल्लेख करते। परंतु ‘रामायण ‘ और परवर्ती ‘महाभारत‘ में भी इस कथा की लेशमात्र सूचना नहीं है। इस संबंध में तथ्यात्मक और तर्कसंगत विश्लेषण इस आलेख का मुख्य प्रतिपाद्य है।
Download
Pages:74-76
How to cite this article:
डॉ. आर्यकुमार हर्षवर्धन "महर्षि वाल्मीकि के दस्यु प्रकरणः एक विवेचन ". International Journal of Hindi Research, Vol 7, Issue 6, 2021, Pages 74-76
Download Author Certificate

Please enter the email address corresponding to this article submission to download your certificate.