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VOL. 7, ISSUE 6 (2021)
बाँका जिला, बिहार में श्रम उत्पादकता प्रतिरूप
Authors
प्रवेश कुमार चौधरी, संजय कुमार झा
Abstract
‘उत्पादकता’ किसी भी प्रदेश में उपलब्ध प्राकृतिक संसाधन एवं जनसंख्या संसाधन के अन्तर्सम्बन्ध को परिभाषित करनें का एक आधुनिक मात्रात्मक प्राविधि है। वास्तव में किसी प्रदेश में उपलब्ध संसधानों का उपयोग-दुरूपयोग, दोहन शोषण तथा विकास वहाँ की श्रमशक्ति की कार्यक्षमता, दक्षता, योग्यता आदि बातों पर निर्भर करती है। सामान्यतया जिस प्रदेश की जनसंख्या स्वस्थ कुशल, उर्जावान एवं परिश्रमी होते है उनकी उत्पादक क्षमता अधिक होती है। परिणामतः सीमित संसाधनों में भी उनका उत्तरोत्तर विकास होता है। दूसरी ओर अकुशल, अस्वस्थ आलसी, कमजोर श्रमशक्ति वाले देश/प्रदेश पर्याप्त संसाधनों की उपलब्धता के बावजूद अविकसित एवं पिछड़े होते है। इस प्रकार श्रम उत्पादकता का अभिप्राय किसी उध्यम अथवा समाज के लागत एवं उत्पाद के मध्य का अनुपातिक संबंध होता है किसी भी समाज के जीवन स्तर के उन्नयन हेतु वहाँ उपलब्ध मानव संसाधन की उत्पादकता में उसी लागत पर वृद्धि करना आवष्यक होता है। बाँका जिला बिहार में श्रम उत्पादकता के स्तर का परिकलन कर उसका विष्लेषण करना इस शोध लेख का मुध्य उद्धेष्य है। बाँका जिले में प्रतिव्यक्ति औसत श्रम उत्पादकता 10225 रू0 है। इसका स्थैतिक वितरण बहुत ही असमान है। 18035 रू0 प्रति व्यक्ति अर्जित कर शंभुगंज जिले का प्रथम स्थान रखने वाला विकासखण्ड है जबकि चांदन 3444 रूपया प्रति व्यक्ति अर्जित कर सबसे नीचले स्थान पर है।
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Pages:97-100
How to cite this article:
प्रवेश कुमार चौधरी, संजय कुमार झा "बाँका जिला, बिहार में श्रम उत्पादकता प्रतिरूप ". International Journal of Hindi Research, Vol 7, Issue 6, 2021, Pages 97-100
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