ARCHIVES
VOL. 7, ISSUE 6 (2021)
निर्गुण संतों की विचारधारा
Authors
ज्योत्स्ना आनंद
Abstract
प्रस्तुत शोध-आलेख का ध्येय हिंदी साहित्येतिहासिक मध्कालीन भक्तिधारा में निर्गुण संत समाज के सामाजिक प्रदेय को लिपिबद्ध करना है। संत मत के उद्गम स्रोत से अद्यतन प्रवाहित अजस्र परम्परा का निदर्शन ही शोध-आलेख का प्रमुख उद्देश्य रहा है। शोध-आलेख को साधन रूप में प्रयोग कर सनातन निर्गुण संत परंपरा का व्याख्यान प्रस्तुत करना ही वास्तविक साध्य रहा है।
Download
Pages:116-117
How to cite this article:
ज्योत्स्ना आनंद "निर्गुण संतों की विचारधारा". International Journal of Hindi Research, Vol 7, Issue 6, 2021, Pages 116-117
Download Author Certificate
Please enter the email address corresponding to this article submission to download your certificate.

