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International Journal of
Hindi Research
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VOL. 7, ISSUE 6 (2021)
बिहारीलाल के काव्य की रचनाधर्मिता
Authors
अर्चना शर्मा
Abstract
प्रस्तुत शोध-आलेख का ध्येय रीतिकाल के प्रतिनिधि रीतिसिद्ध कवि बिहारीलाल रचित काव्य के बहुआयामी पक्षों का सोदाहरण विवेचन प्रस्तुत करना है। रीतिकाल के अन्य कवियों का ध्यान जहाँ शिल्प पक्ष पर प्रायः अधिक रहा, वहीं बिहारी के यहाँ अनुभूति एवं अभिव्यक्ति पक्ष दोनों का आधार मज़बूत है । शोध-आलेख का ध्येय बिहारीलाल के काव्य में निहित नीति,भक्ति एवं शृंगार की त्रिवेणी सहित वर्तमान सन्दर्भों में सार्थकता की खोज करना रहा है ।
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Pages:120-121
How to cite this article:
अर्चना शर्मा "बिहारीलाल के काव्य की रचनाधर्मिता". International Journal of Hindi Research, Vol 7, Issue 6, 2021, Pages 120-121
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