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International Journal of
Hindi Research
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VOL. 8, ISSUE 2 (2022)
मूल्य शिक्षाः सफल जीवन की आधारशिला
Authors
शुचि अरोरा
Abstract
भारतीय संस्कृति संपूर्ण ब्रह्मांड में अनुकरणीय हैं। मूल्य शिक्षा किसी भी समाज एवं राष्ट्र को अनेक प्रकार की बुराइयों, हिंसा, भ्रष्टाचार तथा उत्पीड़न के खिलाफ आधार प्रदान करती है। किसी भी सभ्य समाज के लिए शिक्षा “प्राण” है तथा मूल्य उसकी “आत्मा”है,शिक्षा वह शस्त्र है जो व्यक्ति को बंधन मुक्त कर वैचारिक शक्ति प्रदान करती है। मूल्य- शिक्षा किसी भी व्यक्ति,समाज एवं राष्ट्र के विकास का मुख्य आधार होती है,मूल्य वास्तव में मानव-अस्तित्व एवं व्यक्तित्व के मूलाधार होते हैं।मूल्य;मानव जीवन की आधारशिला है जिसके द्वारा समाज में उसका अस्तित्व होता है। मूल्यों को यदि जीवन कहा जाए तो कोई अतिशयोक्ति न होगी।मानव जीवन में मूल्यों का समावेश होने से जीवन शांतिपूर्ण स्थायित्व से परिपूर्ण हो जाता है वही मूल्य उत्तम होते होते हैं, जो “सत्यम शिवम सुंदरम”की भावना से ओतप्रोत हो हमारे जीवन को उपयोगी एवं सुखदाई बनाने में मूल्यों का महत्व अतुलनीय है। वर्तमान परिस्थिति में शनैः शनैः इन जीवन-मूल्यों का ह्रास होता जा रहा है जिसका दुष्परिणाम संपूर्ण समाज के लिए एक यक्ष प्रश्न बन गया है। प्रस्तुत शोध पत्र में मूल्य शिक्षा की अवधारणा, वर्गीकरण, मूल्यों का जीवन में महत्व,आवश्यकता और जीवन मूल्यों की पुनस्र्थापना करने के लिए नीतिगत प्रयासों की आवश्यकता पर विस्तार से चर्चा की गई है। जीवन मूल्यों को स्थापित करने हेतु विभिन्न विधियों से संबंधित समस्याएं क्या हो सकती है, किस प्रकार से व्यक्ति के जीवन में मूल्यों का समावेश कर सफल जीवन की आधारशिला रखी जा सकती है; इस बात की पुष्टि की गई है। शोध पत्र का मुख्य उद्देश्य कुछ महत्वपूर्ण सुझावों को देना है जिससे कि व्यक्ति का भावी जीवन मूल्यवान हो सके।
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Pages:12-14
How to cite this article:
शुचि अरोरा "मूल्य शिक्षाः सफल जीवन की आधारशिला". International Journal of Hindi Research, Vol 8, Issue 2, 2022, Pages 12-14
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