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VOL. 8, ISSUE 2 (2022)
प्रभा खेतान की माइल स्टोन रचनाः अन्या से अनन्या
Authors
भावना
Abstract
अन्या से अनन्या कृति प्रभा खेतान की चर्चित कृतियों में से एक है। किताब में प्रभा खेतान ने स्त्री विमर्श के संदर्भ में स्त्रियों की वजूद को तलाशने का प्रयास किया है। जय आत्मकथा स्त्री-पुरुष संबंधों के बीच मौजूद असमानता को रेखांकित करती है। इस पुस्तक में यह असमानता स्त्री-पुरुष के लैंगिक असमानता के साथ-साथ आर्थिक, सामाजिक, सांस्कृतिक समानता को उजागर करती है। स्त्री के कार्यक्षेत्र में एक पुरुष का हस्तक्षेप तरह का होता है इस को दिखाने का प्रयास किया जाता है। एक आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर स्त्री के साथ पुरुष का व्यवहार किस हद तक दोयम दर्जे का होता है यह भी इस पुस्तक में दिखाया गया है। प्रभा खेतान ने इस आत्मकथा के माध्यम से स्त्रियों के संघर्ष गाथा को सबके सामने रखते हुए आने वाली तमाम बाधाओं से परिचित कराती हैं। साथ ही पितृसत्तात्मक सोच और समाज द्वारा पोषित ऐसी व्यवस्था के बारे में जागृत करती हैं। इस क्रम में प्रभा खेतान ने अपने जीवन के यथार्थ बोध से जो बिंब रखे हैं वह इतने ज्यादा वास्तविक हैं कि वह हमारे सम्मुख पितृसत्तात्मक समाज का काला चेहरा बहुत प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत कर पाती है। हम देखते हैं की पितृसत्तात्मक समाज में स्त्री पुरुष के बीच आर्थिक विषमता की खाई है । इस खाई की तरफ अन्या से अनन्या पुस्तक में प्रभा खेतान ने लोगों का ध्यानाकर्षण करवाया है। व्यापार की दुनिया में आज भी स्त्रियों के श्रम का वह मूल्य नहीं है जो कि पुरुष का है । इन्हें तमाम बिंदुओं को लेकर लेखिका ने अपनी बात रखी है और उन बातों की पुष्टि के संदर्भ में जीवन के भोगे हुए यथार्थ को उदाहरण के रूप में रखा है। यह पुस्तक स्त्री विमर्श के लिए एक माइलस्टोन की तरह है जो एक मुकाम स्थापित करती है। लोगों के भीतर स्त्रियों के प्रति समानता की चेतना का प्रस्फुटन करती है।
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Pages:26-28
How to cite this article:
भावना "प्रभा खेतान की माइल स्टोन रचनाः अन्या से अनन्या". International Journal of Hindi Research, Vol 8, Issue 2, 2022, Pages 26-28
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