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VOL. 8, ISSUE 2 (2022)
वाल्मीकीय रामायण में सामाजिक व सांस्कृतिक मूल्यों के विविध रूप
Authors
नवल पाल, ज्ञानी देवी गुप्ता
Abstract
आदि कवि महर्षि वाल्मीकि ने मानव जीवन में आदर्श नैतिक मूल्यों को प्रतिष्ठापित करने हेतु आदर्श पिता, आदर्श पति, आदर्श माता, आदर्श भ्राता, आदर्श मित्र, आदर्श पत्नी आदि अनेक भूमिकाओं में विविध सामाजिक एवं नैतिक मूल्यों का संचयन कर रामायण में उदात्त मानवीय आदर्शेां को कुछ इस प्रकार स्थापित कर दिया है कि- विकट से विकट सामाजिक परिस्थितियों में रहकर भी हम मानव आज भी अपने शील, सदाचरण तथा मर्यादा की रक्षा के उपाय रामायण का अध्ययन-मनन करते हुए भलीभॉंति ढूढ़ लेते हैं। कारण कि वाल्मीकि के रामायण-काल में सामाजिक सांस्कृतिक मूल्य अपने चरम पर थे।
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Pages:29-34
How to cite this article:
नवल पाल, ज्ञानी देवी गुप्ता "वाल्मीकीय रामायण में सामाजिक व सांस्कृतिक मूल्यों के विविध रूप". International Journal of Hindi Research, Vol 8, Issue 2, 2022, Pages 29-34
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