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VOL. 8, ISSUE 3 (2022)
फणीश्वर नाथ रेणु की कथा-भाषा
Authors
विपिन कुमार
Abstract
भाषा अभिव्यक्ति का एकमात्र सशक्त माध्यम है, जैसा कि भाषाविदों का कहना है कि शब्द भाषा संरचना की पहली अनिवार्य इकाई है। अतः किसी भी रचना में भाषा का महत्वपूर्ण योगदान होता है। भाषा की इस क्षमता को फणीश्वर नाथ रेणु ने बखूबी पहचाना और उन्होंने भाषा से वही काम लिया जो वह चाहते थे। रेणु जी ने यह पहचाना की भाषा ही वह तत्व है जो सबसे पहले नजर आती है, इसीलिए उन्होंने भाषा के स्तर पर नवीन प्रयोग किए और लंबे समय से एक लीक पर चली आ रही भाषा की शैली को बदल कर ष्आंचलिकष् बनाया। इस प्रकार उन्होंने भाषा को नए आयाम प्रदान किए जो अतुलनीय है, उनके द्वारा प्रयुक्त भाषा में पाठक को बांधने की जबरदस्त क्षमता है।
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Pages:19-21
How to cite this article:
विपिन कुमार "फणीश्वर नाथ रेणु की कथा-भाषा". International Journal of Hindi Research, Vol 8, Issue 3, 2022, Pages 19-21
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