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International Journal of
Hindi Research
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VOL. 8, ISSUE 4 (2022)
ग्राम्य कृषक-जीवन का दर्पण “मैला आँचल”
Authors
श्री कृष्ण कुमार शर्मा
Abstract
उपन्यास सम्राट प्रेमचंद जी के बाद यदि किसी उपन्यासकार का नाम लिया जाता है तो वह है श्री फणीश्वर नाथ रेणु । इनकी ख्याति मुख्यतरू ग्रामकथा लेखन और यथार्थवादी विचारधारा के होने से है । रेणु जी को विशेष तौर पर “मैला आँचल” उपन्यास की रचना के उपरांत ही ख्याति मिली । रेणु जी रचनाओं में “मैला आँचल” सबसे अलग और प्रसिद्ध रचना है । “मैला आँचल” एक आंचलिक उपन्यास है, जो कि एक गाँव के पुरे परिवेश को अपने आँचल में समेटे हुए है । खुद रेणु जी ने उपन्यास की भूमिका में कहा है-“यह है मैला आँचल, आँचलिक उपन्यास ।” आँचलिकता परक रचनाओं में रचनाकार किसी एक व्यक्ति को नहीं वरन पूरे समाज को चित्रित करने का प्रयास करता है । और इसका एक ज्वलंत उदाहरण “मैला आँचल” है । रेणु जी ने समाजिक जीवन की परिपाटी का चित्रण करने के लिए जिस गाँव को आधार बनाया है, वह गाँव भी अपने आप में आँचलिकता का प्रतिनिधित्व करता है । रेणु जी ने स्पष्ट कहा है कि, ‘मेरीगंज’ गाँव अपने आँचल में पिछड़े गाँव का प्रतीक है ।
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Pages:61-63
How to cite this article:
श्री कृष्ण कुमार शर्मा "ग्राम्य कृषक-जीवन का दर्पण “मैला आँचल”". International Journal of Hindi Research, Vol 8, Issue 4, 2022, Pages 61-63
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