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VOL. 8, ISSUE 4 (2022)
अज्ञेय की काव्य-संवेदना
Authors
ज्योत्स्ना आनंद
Abstract
प्रस्तुत शोध-आलेख का ध्येय आधुनिक हिंदी साहित्य के प्रमुख हस्ताक्षर अज्ञेय के काव्य के भाव एवं शिल्प पक्ष को प्रस्तुत एवं विवेचित करना है। यायावर अज्ञेय के काव्य का भावनात्मक पक्ष काव्य में चीनी और पानी के मेल के समान मानों घुल-सा गया है। भाव शिल्प के आभूषणों सहित प्रयोग की पटरी पर सरपट दौड़ लगाते प्रतीत होते हैं। शोध-आलेख का उद्देश्य भी अज्ञेय की काव्य-कला का निदर्शन ही है।
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Pages:24-25
How to cite this article:
ज्योत्स्ना आनंद "अज्ञेय की काव्य-संवेदना". International Journal of Hindi Research, Vol 8, Issue 4, 2022, Pages 24-25
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