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International Journal of
Hindi Research
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VOL. 8, ISSUE 4 (2022)
डा. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम के शैक्षिक सुझावों का वर्तमान परिप्रेक्ष्य में अध्ययन
Authors
अंजनी सक्सेना, सैयदा सारा अजीज
Abstract
भारत के पूर्व राष्ट्रपति एवं परमाणु वैज्ञानिक के नाम से सुविख्यात डा. ए0पी0जे0 अब्दुल कलाम ने न सिर्फ विज्ञान जगत को नई दिशा दी बल्कि शिक्षा को सामाजिक समस्याओं की ओर उन्मुख किया। डा. अब्दुल कलाम की जीवन-शैली, मानवतावादी एवं स्वप्नदर्शी दृष्टिकोण तथा उनकी मूर्त धारणाओं तथा बच्चों के साथ उनके संस्मरणों का उल्लेख सर्वविदित है। डा. कलाम द्वारा शिक्षा में सुधार से आदर्श नागरिकों के निर्माण का प्रयास किया था जिससे एक खुशहाल, समृद्ध एवं शक्तिसंपन्न राष्ट्र की आधारशिला रखी जा सके। डा. कलाम ने अपनी शिक्षा विचारों में शिक्षकों तथा शिक्षार्थी को ज्ञान का झरोखा माना तथा शिक्षकों के गुणी होने पर विशष बल दिया। शिक्षा सुधार में अपने विचारों से प्राणदान देने वाले डा. कलाम के नाम का उल्लेख शिक्षा सुधारकों में नहीं शामिल किया गया। यद्यपि प्रस्तुत लघु शोध प्रबन्ध के पूर्व उनके विचारों को व्यक्त करने वाले अनेक शोधग्रंथ लिखे गये हैं, किन्तु उक्त शोध ग्रन्थों की सीमा से बाहर उनके शैक्षिक चिन्तन, शिक्षा सुधारों की विपुल शोध सामग्री उपेक्षित पड़ी थी जिसका अध्ययन विश्लेषण और विवेचन शोध सापेक्ष था। डा. कलाम ने अपनी विचारों द्वारा छात्र की विभिन्न क्षमताओं के विकास एवं उनके मध्य एकीकरण को बल देते हुए राष्ट्र निर्माण एवं आर्थिक विकास को महत्वपूर्ण बताया और छात्र की विभिन्न क्षमताओं को उचित रूप में विकसित करके उनके मध्य प्रभावी समन्वय स्थापित करने का विचार प्रस्तुत किया। उनका दृढ़ मत था कि शिक्षा प्रणाली को प्रमुख रूप से छात्रों में वैज्ञानिक प्रवृत्ति एवं आध्यात्मिक समझ को विकसित करना चाहिए। डा. ए0पी0जे0 अब्दुल कलाम के अनुसार शिक्षा का उद्देश्य, भौतिक और आध्यात्मिक विकास के साथ-साथ ऐसे आदर्श नागरिकों का सृजन करना है, जो खुशहाल, समृद्ध, शक्तिसंपन्न राष्ट्र का निर्माण कर सके। डा. कलाम के अनुसार शिक्षा प्रणाली ऐसी होनी चाहिए जो देश के युवाओं और बच्चों के चेहरों पर मुस्कान लाए और ऐसा तभी संभव है जब वह सृजनात्मक हो एवं रोजगारों का निर्माण करने वाली हो। डा. कलाम के सुझावों एवं विचारों को वर्तमान परिप्रेक्ष्य में क्रियान्वित करने पर भारतीय शिक्षा व्यवस्था में आई विसंगतियों एवं चुनौतियों को दूर करने में सहायक कारक सिद्ध हो सकते हैं। प्रस्तुत शोध पत्र में डा0 कलाम के शैक्षिक व राष्ट्रवादी कार्यों के सम्बन्ध में बारीक अध्ययन करते हुए, उनके महत्वपूर्ण प्रभावों को मूर्त रूप देने, शैक्षिक डा. अब्दुल कलाम के सुझावों का वर्तमान परिप्रेक्ष्य में अध्ययन कर उसे जनसामान्य के समक्ष प्रस्तुत करने का एक प्रयास किया है।
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Pages:81-86
How to cite this article:
अंजनी सक्सेना, सैयदा सारा अजीज "डा. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम के शैक्षिक सुझावों का वर्तमान परिप्रेक्ष्य में अध्ययन". International Journal of Hindi Research, Vol 8, Issue 4, 2022, Pages 81-86
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